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कांग्रेस एन. रघुरामन का कॉलम:बुजुर्ग लोग ‘केयरगिवर्स’ रखने से पहले ये सावधानियां बरतें

कांग्रेस एन. रघुरामन का कॉलम:बुजुर्ग लोग ‘केयरगिवर्स’ रखने से पहले ये सावधानियां बरतें
मुख्य विवरण
1 जनवरी 2025 से लेकर 10 मई तक पुणे में बुजुर्गों से कई अपराध हुए।
ये उनकी देखभाल करने वाले केयरगिवर से ही किए थे, जहां उन्होंने उन बुजुर्गों के एटीएम कार्ड का दुरुपयोग किया या उनके साथ धोखाधड़ी की या चाकू घोंपकर पैसे लेकर भाग गए।
चलने-फिरने में दिक्कत होने के बाद एक बुजुर्ग दंपति ने केयरगिवर रखा था, 10 मई को वह उनके यहां aसे 30 लाख रु।
लेकर भाग गया।
उनके चोरी करने के तरीके में पहले वे एटीएम का पासवर्ड हासिल करते हैं और देखते कि कार्ड कहां रखा है।
जब बुजुर्ग दोपहर में या दवा लेने के बाद सो जाते, तो एक केयरगिवर पास के एटीएम से पैसे निकालने चला जाता।
दूसरा घर पर रहकर बुजुर्गों के फोन से निकासी के अलर्ट हटा देता।
इस मामले में जब ये बुजुर्ग जागे, तो उन्हें निकासी की जानकारी नहीं मिली, जब तक कि रविवार को बैंक ने उनके बैलेंस का मैसेज नहीं भेजा।
पुलिस के अनु 1।
परिवार के सदस्य की जरूरतों का आकलन करें : घर में मदद के लिए केयरगिवर रख रहे हों, तो पहला कदम है कि देखभाल पाने वाले की जरूरतों का स्पष्ट खाका बनाएं।
फिर बात चाहे पर्सनल केयर की हो, हेल्थकेयर, इमोशनल केयर या घर के सामान की।
2।
चेकलिस्ट और जॉब विवरण बनाएं : अपनी और देखभाल पाने वाले की जरूरतों का मूल्यांकन करने के बाद, देखभाल से जुड़े काम और जरूरतों की एक सूची बनाएं।
यह आपको एक स्पष्ट, विस्तृत जॉब विवरण बनाने में मदद करेगा और सुनिश्चित करेगा कि आप सही हुनर और अनुभव वाले उम्मीदवारों का चुनाव कर रहे हैं।
3।
सेवाएं लेने से पहले सावधानी : केयरगिवर रखने से पहले एजेंसियों का व्यक्तिगत दौरा करें।
विशेष जानकारी
उनकी साख ऑनलाइन जांचने से बचें।
उन लोगों को न लें जो अन्य राज्यों से हैं, जहां पुलिस सत्यापन मुश्किल है।
स्थानीय लोगों को चुनें और पिछले नियोक्ताओं से संदर्भ मांगें।
ये आपको देखभालकर्ता के काम करने के तरीके और उनकी पेशेवरता और विश्वसनीयता के स्तर के बारे में मूल्यवान जानकारी दे सकते हैं।
आप व्यक्तिगत रूप से पुलिस स्टेशन जाकर उनका सत्यापन कराएं।
अपने परिवार और मित्र मंडली में भी देखें कि कोई सदस्य तैयार है या नहीं, जाहिर है कि इसके लिए कुछ खर्च होगा।
4।
साक्षात्कार के लिए सुझाव : अपनी जरूरतों के आधार पर तयशुदा प्रश्न पूछें।
उनका समय पूछें, खुद की गाड़ी है, तो कागजात जांचें।
चेक करें कि क्या वे सीपीआर या अन्य चिकित्सा संबंधित कार्य जानते हैं और उम्मीदवार काम में कितना पेशेवर है।
5।
खास जरूरतें देखें : खास रोग के हिसाब से जरूरत हो, तो अल्जाइमर, पार्किंसंस, कैंसर से संबंधित संगठनों की तलाश करें।
उनके पास आमतौर पर उच्च संसाधन होते हैं।
6।
घर में लॉकर की जगह कभी न बताएं : बैंक की मदद लें और ऐसी सेवाओं के लिए भुगतान करें लेकिन एटीएम पासवर्ड, महत्वपूर्ण दस्तावेजों का स्थान कभी न बताएं।
फंडा यह है कि केयरगिवर की मदद से सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को संभालना अपने आप में एक पूर्णकालिक काम है, इसलिए अपने सभी अनुभवों का इस्तेमाल करें।
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Posted on 16 May 2025 | Source: Dainik Bhaskar | Follow HeadlinesNow.com for the latest updates.
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