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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:गाय के दूध में वो सबकुछ है, जो दुनिया चाहती है Breaking News Update
हमारा राष्ट्रीय पेय क्या होना चाहिए।
चीन की चाय, अरब की कॉफी, रूस की वोदका, अमेरिका का कोक, ईरान की शराब, पश्चिम की दारू।
लगभग ये सब इन देशों के राष्ट्रीय पेय बन चुके हैं।
अगर सतही तौर पर कहा जाए तो भारत का राष्ट्रीय पेय चाय है।
लेकिन गहराई से विचार करें तो भारत को इस समय सर्वाधिक जरूरत किस बात की है।
उसका भौतिक विकास करने के लिए तो कई कर्णधार लगे हुए हैं, लेकिन भारत ने सदैव आत्मिक विकास में रुचि दिखाई है।
और जिन्हें भी मानसिक शांति चाहिए, आंतरिक उत्साह चाहिए, जिनकी रुचि चरित्र में हो, उनको भारत का राष्ट्रीय पेय गाय का दूध ही मानना चाहिए।
गाय के दूध में वो सब है, जिसे पाने के लिए लोग दुनियाभर में बावले हो रहे हैं।
हर पोषक तत्व इसमें समाया है।
अग्नि का स्वभाव है कि उसमें कुछ भी डालो, वह कार्बन डाइ ऑक्साइड बना देती है।
लेकिन गाय का घी अग्नि में डालें तो ऑक्सीजन बन जाता है।
गाय को पशु नहीं, प्राणी मानिए और अपने प्राण बचाइए, गोमाता के माध्यम से।
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Posted on 27 July 2025 | Visit HeadlinesNow.com for more stories.
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