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अनिल अंबानी का SBI पर आरोप: फ्रॉड का टैग हटाने की मांग, निवेशकों पर क्या असर? Amani Lawyer Challenges Rcom Fraud Case
हेडलाइंसनाउ की रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अंबानी के वकील ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और इसके प्रमोटर-डायरेक्टर पर लगाए गए फ्रॉड के आरोप को हटाने की मांग की है।
वकील का दावा है कि SBI ने यह कदम उठाने से पहले अनिल अंबानी को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया।
RCom, जो कभी भारत की प्रमुख मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक थी, वर्तमान में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) 2016 के तहत कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है।
क्रेडिटर्स की समिति ने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी और 6 मार्च 2020 को इसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई में दायर किया गया था।
हालांकि, ट्रिब्यूनल की अंतिम मंजूरी का अभी इंतजार है।
SBI ने जुलाई 2025 में सरकार को बताया था कि उसने 13 जून को RBI के दिशानिर्देशों और अपनी नीतियों के आधार पर RCom और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया है, और इस मामले में CBI में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।
यह मामला उद्योग जगत में शेयर बाजार और निवेश पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि यह वित्तीय पारदर्शिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठाता है।
यह घटनाक्रम बड़े वित्तीय संस्थानों और व्यापारिक घरानों के बीच विश्वास के स्तर पर भी सवाल खड़े करता है।
इस मामले का आगे क्या होता है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे मार्केट में अस्थिरता आ सकती है और निवेशकों के भरोसे पर प्रभाव पड़ सकता है।
इस मामले में ट्रिब्यूनल के फैसले का शेयर बाजार पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
- अनिल अंबानी ने SBI पर फ्रॉड का आरोप लगाया
- SBI ने RCom को फ्रॉड घोषित किया, CBI जांच शुरू
- निवेशकों पर पड़ सकता है प्रभाव
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Posted on 19 August 2025 | Follow HeadlinesNow.com for the latest updates.
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