Spiritual update:
पितृ पक्ष 2023: जानें मातृ नवमी, चतुर्दशी के श्राद्ध विधान | धर्म Pitru Paksha Dates Religious Significance
हेडलाइंसनाउ की रिपोर्ट के अनुसार, पितृ पक्ष 21 सितंबर तक जारी है।
इस दौरान आने वाली महत्वपूर्ण तिथियों- मातृ नवमी, एकादशी, चतुर्दशी और सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या- का धार्मिक महत्व अत्यधिक है।
15 सितंबर को मातृ नवमी पर दिवंगत महिलाओं (माँ, दादी, नानी आदि) के लिए श्राद्ध किया जाता है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस दिन नवमी तिथि को मृत्यु को प्राप्त हुए व्यक्तियों का श्राद्ध भी किया जाना चाहिए।
17 सितंबर को एकादशी तिथि पर उन मृतकों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो।
18 सितंबर को द्वादशी तिथि पर सन्यास धारण करने वालों का श्राद्ध किया जाता है।
20 सितंबर की चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व है, इस दिन उन लोगों के लिए श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु दुर्घटना या असामयिक रूप से हुई हो, जैसे वीरगति प्राप्त सैनिक या जल में डूबे व्यक्ति।
पितृ पक्ष में पूजा, श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व है, ये कर्म आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायक होते हैं।
इस धार्मिक अवसर पर देवता और पूर्वजों की कृपा प्राप्त करने हेतु विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करना आवश्यक माना जाता है।
पितृ पक्ष के समाप्ति पर सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या आती है जिसका विशेष महत्व है।
- मातृ नवमी: दिवंगत महिलाओं के लिए श्राद्ध
- चतुर्दशी: दुर्घटना में मृतकों के लिए श्राद्ध
- पितृ पक्ष: पूजा, श्राद्ध का महत्व
Related: Top Cricket Updates
Posted on 15 September 2025 | Visit HeadlinesNow.com for more stories.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें