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खास बातें
- विवाह की बाधाएं दूर करता है
- दांपत्य जीवन में मधुरता लाता है
- मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि मिलती है
द्वारका: श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत मां रुक्मिणी को समर्पित है।
क्या आप जानते हैं कि इस स्त्रोत का नियमित पाठ आपके जीवन में खुशियां ला सकता है?
मान्यता है कि जो भी भक्त श्री रुक्मिणी अष्टकम का पाठ करता है, उसके विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
इतना ही नहीं, यह आपके दांपत्य जीवन में मधुरता भी लाता है।
मां रुक्मिणी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है।
इसलिए, इस स्त्रोत का पाठ करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
अगर आप भी मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो श्री रुक्मिणी अष्टकम का पाठ अवश्य करें।
यह पाठ विधि बहुत सरल है और इसे कोई भी कर सकता है।
यह स्त्रोत न केवल आपकी मनोकामनाएं पूरी करता है, बल्कि आपके मन को भी शांति प्रदान करता है।
तो आईये जानते हैं श्री रुक्मिणी अष्टकम की महिमा और पाठ विधि, जिससे आपके जीवन में खुशहाली आ सके।
नियमित रूप से इस स्तोत्र का पाठ करके आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
यह स्तोत्र आपके लिए सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।
श्री रुक्मिणी अष्टकम मंत्र:
नमस्ते भीष्मकसुते वासुदेवविलासिनि, प्रद्युम्नाम्ब नमस्तुभ्यं प्रसीद परमेश्वरि।
नमः कमलमालिन्यै कमले कमलालये, जगन्मातर्नमस्तुभ्यं कृष्णप्राणाधिकप्रिये।
जानकी त्वं च लक्ष्मीस्त्वं विष्णुवक्षःस्थलस्थिता, वैकुण्ठपुरसाम्राज्ञी त्वं भक्ताभीष्टदायिनी।
स्वर्णवर्णे रमे रम्ये सौन्दर्याकररूपिणि, मारमातर्महालक्ष्मि कृष्णकन्दर्पवर्धिनि।
वर्धिनी सुभगानां च वर्षिणी सर्वसम्पदाम्
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Source: Agency Inputs
Posted on 09 January 2026 | Check headlinesnow.com for more coverage.
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